Career Oriented Courses - ( रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम )


करियर एस ब्यूटिशियन


सौन्दर्य के प्रति स्त्री-पुरूष का सदैव से ही आकर्षण रहा है। प्राचीनकाल में लोग सौर्न्यकारी नुस्खे घर पर ही अजमाया करते थें। लेकिन आज समय की कमी हैं। आधुनिक जीवन की भागदौड़ में व्यक्तिगत सौन्दर्यीकरण के लिए समय ही नहीं है। आज सौंदर्य के प्रति लड़कियां या स्त्रियां ही नहीं पुरूष भी जागरूक हो गये हैं।
चाहे वह कॉलेज जाने वाला युवक या युवती हो या आम गृहिणी या नौकरीपेशा स्त्री या पुरूष, हर कोई खास उत्सव के मौके पर ही नहीं, आम जिन्दगी में भी सुन्दर दिखना चाहता हैं। इसी कारण हर बाजार गली, मुहल्ले के अतिरिक्त पांच सितारा होटलों में भी ब्यूटी पार्लर खुले हुए हैं और सौंदर्य विशेषज्ञ यानी ब्यूटीशियन का कोर्स एक व्यावसायिक कोर्स बन गया हैं। यही कारण है कि यह हजारों करोड़ रूपये का व्यवसाय बन गया हैं।
पहले केवल कामकाजी या धनाढ्‌य महिलायें ही ब्यूटी पार्लर जाती हैं। इसी कारण इस व्यवसाय के उज्जवल भविष्य को देखते हुए अनेक लोग इस व्यवसाय में आ रहे हैं।
कॉस्मेटोलॉजी में त्वचा, बालों, चेहरे व शरीर की विशेष देखभाल शामिल है जिसमें व्यायाम व भोजन पर भी ध्यान दिया जाता हैं।
कार्य के क्षेत्र
सौंदर्य शास्त्र में यों तो अलग-अलग विधाएं है और आप चाहें तो सभी विधाएं या एक विधा को अपना सकते हैं।
1- ब्यूटी थेरेपी या ब्यूटी कल्चर : इसमें त्वचा, चेहरे, नाखूनों व हाथों की देखभाल सिखाई जाती हैं। इस पाठ्‌यक्रम में मेनोक्योर, पेडीक्योर, वैक्सिंग, थ्रेडिंग, फेशियल, बॉडी मसाज, ब्राइडल मेकअप, पार्टी मेकअप, ब्लीचिंग आदि सिखाया जाता हैं।
2- हेयर ड्रेसिंग या हेयर कटिंग : इसमें बालों के तरह-तरह के स्टाइल, बालों-खोपड़ी की देखभाल तथा हेयर कटिंग सिखाई जाती हैं। बालों की बनावट, ब्लो ड्राई, हेयर कटिंग हेयर डाई, हिना हेड मसाज आदि का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता हैं। इसमें ही एडवांस हेयर ड्रेसिंग पाठ्‌यक्रम मे बालों को अलग-अलग आधुनिक स्टाइल में काटने की ट्रेनिंग दी जाती हैं तथा इस प्रकार शिक्षा दी जाती हैं कि किसी का भी स्टाइल देखकर आसानी से समझा अथवा काटा जा सकें। इसके अतिरिक्त एडवांस पाठ्‌यक्रम में यह भी बताया गया हैं कि चेहरे की बनावट के अनुकूल कौन-सा हेयर स्टाइल जंचेगा या मौसम या अवसर के अनुकूल कैसा हेयर स्टाइल बनाया जाये।
3- ब्यूटी कन्सल्टेन्सी : यह पाठ्‌यक्रम प्रायः प्रसाधन बनाने वाली बड़ी कम्पनियों द्वारा चलाये जात हैं। इसके सौन्दर्य प्रसाधनों की बिक्री बढ़ाने पर भी जोर दिया जाता हैं। कई बार वार्तालाप द्वारा अथवा प्रदर्शन द्वारा सौन्दर्य प्रसाधनों के विस्तार पर जोर दिया जाता हैं। ग्राहकों की त्वचा का मेकअप संबंधी समस्याओं को सुलझाना भी सिखाया जाता हैं।
4- व्यायाम व फिटनेस : आज सौंदर्य के क्षेत्र में व्यायाम का महत्व बढ़ता जा रहा हैं। जिम के द्वारा, हेल्थ क्लब द्वारा, योग द्वारा, एरोबिक द्वारा शरीर को युस्त-दुरूस्त रखना सिखाया जाता हैं।
5- स्पेशल इफेक्ट मेकअप : इसमें टी.वी. या स्टेज कलाकरों का विशेष मेकअप करना सिखाया जाता हैं जो सामान्य मेकअप या पार्टी मेकअप से सर्वथा भिन्न होता हैं। इनमें आवश्यकतानुसार बॉडी पेंटिग भी सिखाई जाती है। यह पाठ्‌यक्रम प्रायः जो टी.वी. रंगमंच या फिल्म के क्षेत्र में कलाकारों का मेकअप करना चाहते हैं।
6- कॉस्मेटोलॉजी : इस पाठ्‌यक्रम में विभिन्न प्रसाधनों को बनाना व उनके प्रभाव के बारे में बताया जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार की क्रीम, शैम्पू, तेल, फेस पैक, हेयर टॉनिक, कंडीशनर आदि की जानकारी दी जाती है।
7- परमानेन्ट कॉस्मेटिक मेकअप : आजकल नये युवाओं में इस ओर विशेष आकर्षण बढ़ रहा हैं। इसमें कोई भी मेकअप स्थाई रूप से कर दिया जाता हैं। जैसे होठों को मनचाहे रंग का गुलाबी बनाना, भौंहों को स्थाई रूप से सुन्दर आकार देना, चेहरे पर तिल अर्थात्‌ ब्यूटी स्टार बनाना, स्थाई रूप से आई लाइनर बनाना आदि।
8- इलेक्ट्रालिसिस व थर्मोंलिसिस : इस पाठ्‌यक्रम में चेहरे या शरीर के अन्य भागों पर उगे अनचाहें बालों को स्थाई रूप से हटाना सिखाया जाता है।
9- एस्थेटिक्स : इसमें बालों अथवा त्वचा का विभिन्न समस्याओं से निपटाना सिखाया जाता हैं। जैसे- झुर्रियों, मुंहासे, दाग, झांइयां, गंजापन, सिकरी आदि।
10- पर्सनल ग्रूमिंग : यह पाठ्यक्रम प्रायः उन लोगों के लिए होता हैं जो अपने सौंदर्य संबंधी कार्य स्वयं घर पर ही करना चाहते हैं। व्यक्तिगत देखभाल द्वारा किस प्रकार स्वयं को सुन्दर व स्मार्ट दिखायें, यह इस पाठ्‌यक्रम में सिखाया जाता हैं।
इसके अतिरिक्त कुछ संस्थानों में नेल कल्चर यानी नाखूनों को तरह-तरह सजाने की कला का पाठ्‌यक्रम भी होता हैं। नाक, कान, छेदने का भी अंशकालिक 2 या 4 दिन का पाठ्‌यक्रम होता हैं। मेहंदी के डिजाइन लगाने का पाठ्‌यक्रम कुछ जगह चलाया जाता हैं।
रोजगार के अवसर
यदि आप ब्यूटीशियन को कोर्स करते हैं तो निम्न प्रकार आय का साधन बना सकते हैं-
1- ब्यूटीशियन का कोर्स करके किसी अच्छे ब्येटी पार्लर में नौकरी की जा सकती हैं। महिला ब्यूटी पार्लर व पुरूषों के ब्यूटी सैलून में ऐसे लोगों की मांग रहती है। यह नौकरी फुल टाइम अथवा पार्ट टाइम भी की जा सकती हैं।
2- यदि आपके पास स्थान हैं तो अपने घर के एक कमरे में अपना ब्यूटी पार्लर खोल सकतें हैं। इस पार्लर से 8-10 हजार रू. मासिक आसानी से कमाये जा सकतें हैं। चूंकि इस प्रकार के पार्लर में समय भी अधिक दिया जा सकता है अतः समय-असमय आने वाले ग्राहकों को भी सन्तुष्ट किया जा सकता हैं। अपना भी आने-जाने का समय व किराया बचता हैं।
3- अपने ब्यूटी पार्लर के थोड़ा पुराना हो जाने पर उसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया जा सकता है। उससे अतिरिक्त आय हो सकती हैं।
4- अच्छे ब्यूटीशियन की फिल्म व टेलीविजन क्षेत्र के लोगों को बहुत आवश्यकता रहती हैं। चूंकि थियेटर या टी.वी. के लिए विशेष मेकअप की आवश्यकता होती है, अतः यह कोर्स करने वालों को इस क्षेत्र में अच्छा रोजगार मिल सकता हैं। थियेटर, टी.वी. फिल्म के लिए ऐसे मेकअप की आवश्यकता होती हैं जो स्टूडियों की तेज रोशनी अथवा धूप में भी टिका रहे, कलाकार टी.वी. में या मॉनीटर में वास्तविक सुन्दरता से अधिक सुन्दर लगे। फिल्म टी.वी. क्षेत्र में मेकअप करने आर्टिस्ट को तरह-तरह की केश सज्जा, चाहे वह आधुनिक हो या ऐतिहासिक, का ज्ञान होना आवश्यक हैं। इसके अतिरिक्त कलाकार जिस तरह का रोल कर रहा हो, उसके अनुरूप मेकअप व हेयर स्टाइल बनाना होता हैं।

आजकल घरों में जाकर भी त्वचा व बालों की देखभाल का रिवाज चल पड़ा हैं। यदि आपके पास फोन की सुविधा है और आपके पास पार्लर के लिए स्थान नहीं तो आप इस प्रकार का रोजगार अपना सकतें हैं। आपके ग्राहक यदि आपके काम से सन्तुष्ट होंगे तो वे आपके नियमित ग्राहक बन जायेंगे और आपकी नियमित आय हो जायेगी। शादी के अवसर पर ऐसी ब्यूटीशियन की बहुत मांग रहती हैं जो घर आकर दुल्हन, उसकी बहनों व रिश्तेदारों का मेकअप कर सकें।

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